सोमवार सुबह नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक बड़ा हादसा टला। Turkish Airlines का विमान जब त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर रहा था, तभी उसके दाहिने पहिये में अचानक आग भड़क उठी। पूरे एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया।
लेकिन राहत की बात यह रही कि एयरपोर्ट की फायर टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला, आग पर काबू पाया, और सभी 289 लोगों को यानी 278 यात्री और 11 क्रू मेंबर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
“विमान TK726 इस्तांबुल से काठमांडू आ रहा था। लैंडिंग के दौरान टायर में आग लग गई। फायर इंजन से आग पर काबू पाया गया। सभी यात्री सुरक्षित हैं।“— SP राजकुमार सिलवाल, एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारी
रनवे बंद होने के कारण आसमान में फंसे विमान
जैसे ही टायर में आग लगी, रनवे को तुरंत बंद करना पड़ा। जो विमान काठमांडू में उतरने के लिए आसमान में चक्कर काट रहे थे, वे फंस गए। न उतर सकते थे, न कहीं और जा सकते थे।
एयरपोर्ट अधिकारी Gyanendra Bhul ने बताया कि जले हुए विमान को टैक्सीवे की तरफ ले जाने की कोशिश जारी थी, ताकि रनवे जल्द खाली हो सके।
त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सिर्फ एक ही रनवे है। इसलिए इस तरह की घटना में पूरा एयरपोर्ट ठप हो जाता है।
यह कोई पहली बार नहीं है। 2071 बिक्रम संवत में भी Turkish Airlines का एक विमान इसी एयरपोर्ट के रनवे पर फंस गया था, जिससे 4 दिन तक एयरपोर्ट बंद रहा था।
UN अधिकारी भी थे सवार
खास बात यह है कि इस विमान में संयुक्त राष्ट्र (UN) के कुछ अधिकारी भी सवार थे। इन्हें भी पूरी तरह सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया।
पायलट और क्रू ने कैसे बचाई जान?
यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड के ज़रिए विमान से उतारा गया। पहियों के पास धुआं और आग की लपटें देखते ही क्रू ने तुरंत एक्शन लिया।
ऐसी स्थिति में पायलट की ट्रेनिंग और क्रू का रिस्पॉन्स टाइम ही हज़ारों जानें बचाता है। यहां दोनों ने अपना काम बखूबी किया।

विमान की जांच अब भी जारी
SP सिलवाल के मुताबिक, आग बुझने के बाद विमान का तकनीकी निरीक्षण होना बाकी है। अभी तक Turkish Airlines या एयरपोर्ट की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
त्रिभुवन हवाई अड्डा पहले से ही अपनी सिंगल-रनवे सीमा और पहाड़ी भूगोल की वजह से दुनिया के चुनौतीपूर्ण हवाई अड्डों में गिना जाता है।
निष्कर्ष
काठमांडू में 11 मई 2026 को एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। Turkish Airlines TK726 के पहिये में आग लगी, रनवे बंद हुआ, पर सभी 289 लोग सुरक्षित रहे।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है सही ट्रेनिंग, सही टीम, और सही रिस्पॉन्स कितना ज़रूरी है।








